स्कूटर में लगा लो ये छोटी सी किट, 1Km का खर्च होगा सिर्फ 70 पैसे

देश में बड़े पैमाने पर लोगों के द्वारा सीएनजी से चलने वाले स्कूटर की खरीदारी की जा रही है, क्योंकि पेट्रोल की कीमत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लोग गाड़ियों पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए सीएनजी स्कूटर ले रहे हैं। हालांकि आप यह भी सोच रहे होंगे कि, जब कंपनी के द्वारा सीएनजी स्कूटर को लॉन्च ही नहीं किया गया है, तो आखिर मार्केट में यह कैसे उपलब्ध है। जानकारी के लिए बताना चाहते हैं कि, लोग अपने सामान्य स्कूटर में सीएनजी किट करवा रहे हैं।

क्योंकि फिलहाल पेट्रोल की कीमत 110 रुपए के आसपास में हो गई है। वहीं एक्टिवा, जुपिटर जैसे तमाम स्कूटर का माइलेज 40 से 45 किलोमीटर प्रति लीटर होता है। यानी कि इन्हें चलाना महंगा होता है। इसलिए आप कई कंपनियों के द्वारा स्कूटर के लिए सीएनजी किट को लांच किया जा रहा है, जिसकी सहायता से स्कूटर को चलाने का खर्च प्रति किलोमीटर सिर्फ 70 पैसे के आसपास में हो जाएगा। हम आपको यह भी बताना चाहते हैं कि बजाज ऑटो देश के पहले सीएनजी से चलने वाले मोटरसाइकिल पर भी काम कर रही है।

स्कूटर में लगवानी होगी सीएनजी किट (Price Scooty CNG Kit)

अगर आपके पास होंडा एक्टिवा, टीवीएस जूपिटर, हीरो माएस्ट्रो, सुजुकी एक्सेस या फिर किसी भी दूसरी कंपनी का स्कूटर है और आप इनका माइलेज बढ़ाना चाहते हैं तो आप अपने स्कूटर में सीएनजी किट आसानी से फिट करवा सकते हैं। दिल्ली की कंपनी जिसका नाम लोबाटो है जो सीएनजी किट फिट करने का काम करती है। आप इस कंपनी के सीएनजी किट को स्कूटर में लगवा सकते हैं, जिसका खर्चा 18000 रुपए के आसपास में हो सकता है। कंपनी के द्वारा यह दावा भी किया जाता है कि इतने खर्चे को आप 1 साल से भी कम समय में निकाल सकते हैं क्योंकि सीएनजी और पेट्रोल की कीमत में फिलहाल ₹40 का डिफरेंस आ चुका है।

स्कूटर पेट्रोल और CNG दोनों से चलेगा (Petrol and CNG Scooter)

यदि आप अपने स्कूटर में सीएनजी किट लगवाते हैं, तो इसे लगवाने में तकरीबन 4 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि आप चाहे तो सीएनजी किट के साथ ही साथ पेट्रोल से भी अपने स्कूटर को चला सकते हैं अर्थात जब चाहे तब सीएनजी से स्कूटर चला सकते हैं और जब चाहे तब पेट्रोल से स्कूटर को चला सकते हैं। इसके लिए कंपनी के द्वारा एक स्विच दिया जाता है जिसके माध्यम से सीएनजी मोड से पेट्रोल मोड पर आसानी से आया जा सकता है, जिसे ब्लैक प्लास्टिक से कंपनी के द्वारा कवर कर दिया जाता है। इसके अलावा सीट के नीचे वाले हिस्से में इसे ऑपरेट करने वाली मशीन फिट की जाती है अर्थात आप स्कूटर को सीएनजी और पेट्रोल दोनों से ही चला सकते हैं।

CNG किट लगवाने का नुकसान भी

हर चीज के फायदे होते हैं, तो उसके नुकसान भी होते हैं। अगर सीएनजी किट के नुकसान के बारे में बात करें तो इसके अंतर्गत जो किट सिलेंडर लगाया जाता है वह तकरीबन एक से डेढ़ किलो सीएनजी को स्टोर कर सकता है। ऐसे में 120 से 130 किलोमीटर के बाद आपको दोबारा से सीएनजी भरवाने की आवश्यकता होगी।

वहीं फिलहाल देश में आसानी से सीएनजी गैस स्टेशन नहीं मिलते हैं। इन्हें खोजने के लिए लोगों को गूगल मैप की सहायता लेनी पड़ती है। हो सकता है कि आपकी लोकेशन से सीएनजी गैस स्टेशन 12 से 15 किलोमीटर या फिर इससे भी ज्यादा की दूरी पर मौजूद हो। सीएनजी के द्वारा भले ही स्कूटर का माइलेज बढ़ाया जा सकता है, परंतु इससे गाड़ी को ज्यादा पिकअप नहीं मिलता है। ऐसे में यदि आप चढ़ाई वाले रास्ते पर गाड़ी चला रहे हैं तो इससे इंजन पर ज्यादा लोड पड़ता है।

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