29 दिसंबर से नए नियम।

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के नए नियम 29 दिसंबर से लागू हो जायंगे। इससे घर में डीटीएच या केबल पर टीवी देखने वाले उपभोक्ताओं का मासिक शुल्क लगभग आधा हो सकता है। सामान्य घरेलू उपभोक्ता चाहें तो केवल 130 रुपए में 100 चैनल देख पाएंगे और वो भी अपनी मर्जी के अनुसार।

 

यानी, कोई भी ऑपरेटर या डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ग्राहकों पर जबरन पैकेज नहीं थोप सकेंगी। ट्राई के नए नियमों के अनुसार 100 चैनल के लिए 130 रुपए से ज्यादा किराया नहीं वसूला जा सकेगा।

130 रुपये में ग्राहक की मर्जी के 65 फ्री टू एयर चैनल, दूरदर्शन के 23 चैनल, तीन म्यूजिक चैनल, तीन न्यूज चैनल और तीन मूवी चैनल शामिल होंगे।
लेकिन मासिक 130 रुपए किराये पर जीएसटी अलग से लगेगा।

पेड चैनल्स को भी मर्जी से चुने ग्राहक :
ट्राई द्वारा तय नियमों के अनुसार सभी चैनल कंपनी को अपने-अपने चैनल के फ्री टू एयर या पेड होने की जानकारी ग्राहक को देनी होगी। इसमें यह भी जरूरी होगा कि किस चैनल के लिए कितना मासिक शुल्क ग्राहक से वसूला जाएगा। ऐसे में ग्राहक अपनी मर्जी से उस पेड चैनल का मासिक शुल्क देखकर तय करेगा कि उसे वो चैनल देखना भी है या नहीं।

देश में 867 रजिस्टर्ड टीवी चैनल, 309 पे-चैनल हैं।
डीटीएच या केबल सर्विस प्रोवाइडर्स को नए नियमों के मुताबिक ग्राहकों के लिए कस्टमर केयर सेंटर स्थापित करना होगा। साथ ही ऑनलाइन कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम भी तैयार करना होगा, जिन पर ग्राहकों की शिकायत दर्ज होने और इनके निस्तारण की पूरी जानकारी होगी। मासिक शुल्क के लिए ग्राहक को बिल और भुगतान की रसीद भी देनी होगी।

ट्राई के नए नियमों से सबसे ज्यादा फायदा आम दर्शक को होगा। कई चैनल डिस्ट्रीब्यूटर्स या अन्य बिचौलिए माध्यम की वजह से बहुत ज्यादा रेट पर ग्राहक को देखने को मिल रहे थे। लेकिन अब कई चैनल नए नियमों की वजह से तकरीबन 90 फीसदी कम दर पर देखे जा सकेंगे। औसतन एक उपभोक्ता का डीटीएच या केबल का बिल आधा तो होगा ही, क्योंकि वर्तमान में आधे से ज्यादा चैनल उपभोक्ता देखते ही नहीं हैं।

नियम तोड़ने पर कंपनी पर होगी कार्रवाई :
ट्राई के निर्देशानुसार नए नियमों के तहत उपभोक्ता जितने चैनल देखना चाहेंगे, उन्हें सिर्फ उन्हीं का पेमेंट करना होगा। इसके लिए डीटीएच या केबल ऑपरेटर्स को हर चैनल के लिए तय शुल्क की जानकारी यूजर गाइड में देनी होगी। सभी डीटीएच कंपनी और केबल ऑपरेटर के लिए इन नियमों की पालना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

By Jitendra Arora

- एडिटर, मोटिवेटर, क्रिएटर | - वेब & एप डेवलपर |

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