मोदी जी का डिजिटल उपवास ? या स्वदेशी सोशल मीडिया की जरुरत ? PM Modi Giving Up Social Media 2020

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पीएम मोदी ने दिए सोशल मीडिया छोड़ने के संकेत |

PM Modi Giving Up Social Media?

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया को छोड़ने के संकेत दिए | जिससे पूरी दुनियाँ हैरान रह गई | बीजेपी नेताओं से लेकर, विपक्ष और उनके करोड़ों फॉलोअर्स भी बहुत हैरान हैं । लाखों लोगों ने उनसे सोशल मीडिया नहीं छोड़ने की अपील भी की है। लेकिन बहुत सारे नेताओं और लोगों का कहना है की पीएम मोदी जी हमेशा सकारात्मक सोचते हैं और करते हैं और इसके पीछे भी देश की भलाई के लिए कुछ नया कदम होगा |

मोदी जी का डिजिटल उपवास ? PM Modi Giving Up Social Media |

जिस प्रकार हमारे देश में सोशल मीडिया का चलन बड़ता जा रहा है | उतना ही लोग इसका गलत फायदा भी उठा रहे हैं | दिल्ली हिंसा के पीछे भी सोशल मीडिया में फैलाया गया झूट जिम्मेदार है | सोशल मीडिया में अफ्फ्वाहों को बहुत प्रचार किया जाता है | जिससे देश में गलत सन्देश फैलता है | लोग हिंसक हो जाते हैं | नफरत फैलती है |

इसीलिए कई लोग कह रहे हैं कि पीएम मोदी कुछ दिन के डिजिटल उपवास पर जाने की सोच रहे होंगे । जैसे महात्मा गांधी जी भी कई बार मौन व्रत पर जाते थे वैसे ही आजके जमाने में सोशल मीडिया को छोड़ना एक प्रकार का मौन व्रत भी हो सकता है | पीएम मोदी ने पहले भी कई बार एक दिन के लिए या फिर कुछ समय के लिए डिजिटल उपवास रखने की बातें कहीं हैं। डिजिटल उपवास में कुछ समय के लिए फोन, सोशल मीडिया से दूर रहना होता है।

इस समय कई राज्यों में बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही हैं | लेकिन परीक्षा के समय भी छात्रों का सोशल मीडिया से पीछा नहीं छूट रहा है | और वह पढने के बजाये सोशल मीडिया में वक्त जाया कर रहे है | हो सकता है कि मोदी जी बच्चों को कुछ समझाने के लिए इस तरह का एक नया प्रयास कर रहे हों |

विदेशी सोशल मीडिया की मनमानी | Why PM Modi Giving Up Social Media

हमारे देश में करोड़ों लोग सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं | जैसे फेसबुक, ट्विटर, यूटियूब, इन्स्टाग्राम, टिकटोक आदि | लेकिन यह सभी विदेशी कंपनियों द्वारा चलाया जाता है | हमारे देश में अपना कोई दमदार सोशल मीडिया नहीं है | जिसका फायदा विदेशी कम्पनियाँ उठाती हैं और मनमानी करती हैं |

हमारी सरकार इन कंपनियों से हिंसक सन्देश रोकने के लिए कई बार कहती है तो यह बहाने बनाकर टाल देती हैं | यह कम्पनियाँ करोड़ों रुपये भी हमारे देश से कमा कर ली जाती हैं लेकिन टैक्स हमारी सरकार को नहीं देती हैं | इसके इलावा कई बार लोगों का डाटा लीक होने की भी घटनाएं इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर होती रहती हैं | जिसमें हमारे देश के लोगों की निजी जानकारी लीक की जाती है और दूसरी कंपनियों को बेचीं जाती है | जब भारत सरकार इन सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में ही डाटा सर्वर बनाने को कहती हैं तो यह वैसा नहीं करती |

स्वदेशी सोशल मीडिया की जरुरत ?

इसीलिए देश में यह भी चर्चाएँ हैं कि मोदी जी का यह कदम किसी स्वदेशी सोशल मीडिया को प्रोमोट करने के लिए भी हो सकता है | एक ऐसा स्वदेशी सोशल मीडिया जिसका सर्वर भारत में ही हो | और उसमे अफवाहों को रोकने का पूरा नियंत्रण सरकार के पास हो | हिंसक संदेशों को फैलाने वालों की पहचान हो सके, आदि | इसके इलावा स्वदेशी सोशल मीडिया के बहुत सारे फायदे हैं | जैसे देश के लोगों को रोज़गार मिल सकता है | स्वदेशी मीडिया का उपयोग बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए हो सकता है | सामाजिक मेल जोल बढ़ाने के लिए भी इसका उपयोग हो सकता है | सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का भी एक बड़ा माध्यम हो सकता है, आदि |

ट्विटर पर #NOSIR ट्रेंड

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया में एक सन्देश में कहा कि वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को छोड़ने [PM Modi Giving Up Social Media] की सोच रहे हैं । आप सभी को अपडेट करता रहूंगा। जिसके बाद लाखों लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी | और #NOSIR ट्रेंड करने लगा | विपक्षी नेताओं ने भी इसपर प्रतिक्रिया दी है और उन्हें सोशल मीडिया ना छोड़ने की सलाह दी है | अब देखना यह है कि रविवार को मोदी जी इस पर अपना नया अपडेट क्या देते हैं |

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