[email protected]
October 27, 2021
11 11 11 AM
ताज़ा खबर
विधिक साक्षरता शिविर में सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी | Vidhik Saksharta Shivir kashipur Uttarakhand डिजिटल हेल्थ कार्ड कैसे बनायें | Digital Health Card Kaise Banaye बिजली से भी चलेगी मारुति कार | Electric Car Kit in India योगेन्द्र गंगवार बने प्रदेश संगठन महामंत्री (उ.प्र.) Tamilrockers free Movie Download or Not | तमिल रोकर्स से फ्री मूवी डाउनलोड करें या नहीं ? [tamilyogi.uk] मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना | Meri Fasal Mera Byora Haryana खेलों में भारत कैसे बनेगा नंबर 1 | Olympics Games in India & Medal स्थाई लोक अदालत का उद्देश्य मुकदमों का शीघ्र निस्तारण : उमेश जोशी राजस्थान की बेरोजगारी भत्ता योजना | Berojgari Bhatta Rajasthan Yojana हाई कोर्ट अधिवक्ता के साथ इंस्पेक्टर की अभद्रता । काशीपुर बार एसोसिएशन ने कि बर्खास्त करने की मांग।

भारत-पाक सीमा पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा

अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी के दौरान भारतीयों की देश भक्ति का जज्बा पाकिस्तान हर रोज देखता है लेकिन अब भारत की आन-बान-शान यानी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लाहौर से ही देखेगा। रविवार को अंतरराष्ट्रीय अटारी-वाघा सीमा पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया। 55 टन के पोल पर फहराए गए इस तिरंगे की ऊंचाई 360 फुट है। 120 बाय 80 फुट का तिरंगा 100 किलो वजनी है और अब यह लिम्का बुक में दर्ज होगा। अटारी सीमा से लाहौर की दूरी लगभग 20 किमी है। तिरंगा स्थापित करने वाली कंपनी का दावा कि यह लाहौर तक दिखाई देगा।

गगनचुंबी तिरंगे को लहराने की रस्म निकायमंत्री अनिल जोशी, बीएसएफ के आइजी मुकुल गोयल, डीआइजी जेएस ओबराय, आइजी दिल्ली हेडक्वाटर सुमेर सिंह और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने अदा की। तिरंगे के लहराते ही बीएसएफ के जवानों ने गार्ड आफ ऑनर दिया।
देश का सबसे ऊंचा यह तिरंगाअंतरराष्ट्रीय अटारी सीमा पर नो मेन लैंड से 150 मीटर दूर पंजाब टूरिज्म विभाग के टूरिस्ट इंफरमेशन सेंटर के बाहर स्थापित किया गया है। नगर सुधार ट्रस्ट ने साढ़े 3 करोड़ रुपये की लागत से बजाज इलेक्ट्रिकल की सहयोगी कंपनी भारत इलेक्ट्रिकल होशियारपुर से इसे तैयार कराया है। 55 टन के वजनी और 110 मीटर के पोल को खड़ा करने के लिए मुंबई से विशेषरूप से सात ट्रालों पर स्पेशल क्रेन मंगवाई गई थी।
क्रेन ने पोल लगाने का 78 लाख रुपये किराया लिया है। राष्ट्रीय ध्वज की मेंनटेनेंस का काम तीन सालों तक भारत इलेक्ट्रिकल कंपनी करेगी। राष्ट्रीय ध्वज पर पूरी लाइट जले, इसके लिए 65-65 फुट ऊंचाई के तीन अलग से पोल लगाए गए हैं। हर पिलर पर 500-500 वॉट के 12 बल्ब लगाए गए हैं। नगर सुधार ट्रस्ट और भारत इलेक्ट्रीकल कंपनी अब देश के इस सबसे ऊंचे तिरंगे का नाम लिम्का बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। पाक की आपत्ति के बाद बदली थी जगह 
पाकिस्तान द्वारा इस पर आपत्ति उठाए जाने के बाद जून 2016 में ये प्रोजेक्ट लंबित पड़ गया था। पहले तिरंगा सद्भावना द्वार से मात्र 30 फुट की दूरी पर स्थापित किया जाना था। पाक रेंजरों की आपत्ति के बाद इसे ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी पर स्थित पंजाब टूरिज्म विभाग की जगह पर स्थापित किया गया है। 1 मार्च 2017 को तिरंगे के पोल में कैमरे होने की बात कहते हुए पाक रेंजरों ने फिर आपत्ति उठाई थी, जिसे बीएसएफ ने सिरे से खाजिर कर दिया था।
120 बाय 80 फुट की है विशेष फाउंडेशन
देश में सबसे ऊंचाई पर लगाए जाने वाले इस तिरंगे के लिए विशेष फाउंडेशन बनाई गई है। 30 बाय 30 फुट की फाउंडेशन, 18 फुट गहरी है। इस पर लगे 110 मीटर के पोल के कुल 18 सेक्शन है। नीचे पोल की मोटाई 1830 एमएम और ऊपर ये मोटाई 500 एमएम है। इस पर 120 बाय 80 फुट का तिरंगा लहराया गया है। प्रथम चरण में कंपनी ने छह झंडों के साथ प्रोजेक्ट शुरू किया है।
यहां-यहां लहरा रहे गगनचुंबी तिरंगे..
-रांची(पहरी मंदिर): 293 फुट 
-हैदराबाद(संजीविणा पार्क): 291 फुट
-रायपुर(तीलाबंधा झील के पास) : 269 फुट 
-फरीदाबाद(टाउन पार्क) : 250 फुट 
-पुणे(कटराज झील के पास) : 237
-भोपाल(मंत्रालय के बाहर) : 235
-दिल्ली(सेंट्रल पार्क) : 207
-लखनऊ (जेनेश्वर मिश्रा पार्क): 207
-अमृतसर(अमृत आनंद बाग): 170

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *