अटल आयुष्मान योजना गरीबों के लिए वरदान से कम नहीं है, क्योंकि गरीब कभी बीमार हो जाये तो उसकी पूरी ज़िन्दगी की कमाई का पैसा इलाज़ में ही लग जाता है, और कई बार तो उन्हें क़र्ज़ लेने को मजबूर होना पड़ता है, और पूरी ज़िन्दगी क़र्ज़ चुकाने में निकल जाती है,गरीबों की इस समस्या का सामाधान करने के लिए मोदी सरकार आयुष्मान योजना लेकर आई है, जिसमे गंभीर बिमारियों का इलाज़ मुफ्त में किया जायगा और हर साल हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त बीमा दिया जायगा lआयुष्मान योजना की पूरी दुनियां में सरहाना हो रही है माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी के संस्थपक बिल गेट्स ने भी इसकी तारीफ की है, अब तक इस योजना में लाखों लोगों का मुफ्त इलाज़ हो चूका है l

Kashipur Astha Hospital Atal Ayushman Yojna

लेकिन एक भ्रष्ट डॉक्टर ने गरीबों की इस योजना पर डाका डाला है l यह घटना उत्तराखंड के ज़िला उधम सिंह नगर , काशीपुर स्थित आस्था हॉस्पिटल से जुड़ी है, जहाँ यह डॉक्टर सरकारी अस्पताल में संविदा पर कार्य करता है, और साथ में अपना निजी अस्पताल भी चलाता है,शुरुआती जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद आस्था अस्पताल को सूची से निलंबन कर उसकी लॉग-इन आईडी ब्लॉक कर दी गई है lदैनिक जागरण अखबार के मुताबिक अस्पताल के मालिक डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने खुद को इस अस्पताल का एकमात्र चिकित्सक बताया था l जबकि वह एलडी भट्ट राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय, काशीपुर में संविदा के पद पर पूर्णकालिक चिकित्सक हैं।

ख़बरों के मुताबिक डॉक्टर ने अटल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध होने की तिथि से छह अप्रैल 2019 तक खुद ही 17 मरीजों को अपने अस्पताल में रेफर किया। और इसके अलावा एक और सरकारी अस्पताल की फर्जी मुहर लगाकर उन्होंने 17 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में रेफर किया, जिनमें से सात उसने खुद के अस्पताल में भर्ती किए। प्राथमिक जांच में पाया गया है कि उसने एक-एक परिवार के कई सदस्यों को एक साथ भर्ती होना दिखाया। फर्जीवाड़े के संदेह में जब इस अस्पताल के बारे में पता किया गया तो एक के बाद एक खुलासे हुए।

इस मामले पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रविंद्र थपलियाल ने बताया की की जांच की जा रही है और जो तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार चिकित्सक पर कार्रवाई की जाएगी। Kashipur Astha Hospital के डॉक्टर ने गरीबों के हक को लूटने का काम किया है, और डॉक्टर के पेशे पर भी बहुत बड़ा कलंक लगाया है, ऐसे भ्रष्ट डॉक्टरों की हिम्मत इतनी ज्यादा है की यह मोदी सरकार से भी नहीं डरते और सरकार की इस योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चड़ा देते है। जिससे सरकार को भी बहुत बड़ा नुक्सान उठाना पड़ सकता है,इसीलिए ऐसे भ्रष्ट डॉक्टर को ऐसी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो एक मिसाल बन जाए , और भविष्य में कोई भी गरीबों का पैसा लूटने वाली घटना को अंज़ाम न दे सके ।

आपको बता दें 26 अगस्त 2019 तक केवल कृष्णा हॉस्पिटल ही आयुष्मान योजना की लिस्ट में शामिल  है l और बहुत सारे हॉस्पिटल ब्लैक लिस्ट कर दिया गए हैं l

जय हिन्द, जय भारत

By Jitendra Arora

- एडिटर, मोटिवेटर, क्रिएटर | - वेब & एप डेवलपर |

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