Ayodhya Tourist Places in Hindi : अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थल

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है और इसकी प्राचीनता और सुंदरता लोगों के आकर्षण का कारण रही है। यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में लोगों के बीच बहुत ही ज्यादा प्रचलित है और भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद यहां श्रद्धालु खींचे चले आ रहे हैं। क्या आप भी अयोध्या भ्रमण का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो आज हम आपको कुछ ऐसे पर्यटन स्थल के बारे में बताएंगे जो आपको जरूर देखना चाहिए। अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थल का वर्णन आज हम करने जा रहे हैं तो चलिए शुरू करते हैं।

अयोध्या के 16 प्रमुख दर्शनीय स्थल (Ayodhya Tourist Places Name)

अयोध्या भारत का बेहद ही प्राचीन और हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थस्थल स्थल है और यहां पर ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं जो कई वर्षों से आकर्षण का केंद्र रहे हैं। फैजाबाद जिले में सरयूँ नदी के दाएँ तट पर स्थित अयोध्या प्राचीन मंदिरों का शहर है। इसकी आध्यात्मिकता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। पौराणिक ग्रंथ-रामायण, रामचरित्र मानस आदि की रचना इसी स्थल पर हुई थी और यहां आपको हिंदू, मुस्लिम, जैन व बौद्ध धर्म के अवशेष भी देखने को मिलेंगे। आइए आज हम आपको अयोध्या दर्शनीय स्थल के बारे में कुछ खास जानकारियां देते हैं –

अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थल:

अयोध्या के कुछ पर्यटन स्थल की जानकारी आगे दी जा रही है जो देखने योग्य है –

1.राम मंदिर – Ram Mandir Ayodhya

अयोध्या का राम मंदिर सभी श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बन चुका है। इसके इतिहास के बारे में शायद आपको बताने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आज बच्चा – बच्चा भगवान राम के इस भव्य मंदिर से परिचित है। इस मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को ही हुआ है किन्तु अब यह अयोध्या का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। यह भगवान राम का जन्मस्थल है किन्तु एक समय में इस स्थान पर मुगलों ने बाबरी मस्जिद बनाई थी लेकिन बाद में इस मस्जिद को तोड़कर राम मंदिर की नीव रखी गई जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने 2020 में किया था। 22 जुलाई 2024 को इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी और अब यह विश्व के भव्य मंदिरों की सूची ने शामिल हो चुका है। केवल देश के कोने – कोने से ही नहीं बल्कि विदेश से भी इस मंदिर को देखने के पर्यटक आते हैं।

2.जैन श्वेतांबर मंदिर:

जैसा कि हमने आपको बताया कि अयोध्या नगरी में जैन धर्म के भी अवशेष मिले हैं और इस नगरी में जैन धर्म का विशेष स्थान है क्योंकि इसी स्थान पर जैन धर्म के पांच तीर्थंकरों, अजित नाथ, अभिनंद नाथ, आदिनाथ, सुमति नाथ, एवं अनंतनाथ का जन्म हुआ था और इन तीर्थंकरों की स्मृति में फैजाबाद के नवाब के कोषाध्यक्ष ने यहां पांच मंदिरों का निर्माण करवाया था। इनमे से एक मंदिर दिगंबर जैन मंदिर है जो प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (जिन्हें आदिनाथ,पुरदेव, वृषभदेव एवं आदि ब्रह्म इत्यादि नामों से भी जाना जाता है) को समर्पित है।

3.बिरला मंदिर:

अयोध्या फैजाबाद मार्ग पर स्थित बिड़ला मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र रहा है जो कि अयोध्या बस स्टॉप के सामने स्थिति है। यह मंदिर भगवान राम और माता सीता को समर्पित है। इसलिए अगर आप कभी अयोध्या जाएं तो इस मंदिर में भगवान राम और माता सीता के दर्शन जरूर करें।

4.कनक भवन (Kanank Bhawan Tourist Places Near Ayodhya Station)

अयोध्या के कनक भवन का नाम तो आपने जरूर सुना होगा क्योंकि यह अयोध्या के फेमस टूरिस्ट प्लेस में से एक है। इसके नाम की तरह ही यह सोने से बना हुआ है इसलिए इसे सोने का घर भी कहा जाता है। इस मंदिर में आपको भगवान राम और सीता की सुंदर प्रतिमा देखने को मिलेगी जिनके सिर पर सोने का तक स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त इस भवन के एक हिस्से में गीत- संगीत का अद्भुत प्रदर्शन होता है जिसे देखने के लिए देश-विदेश के लोग आते हैं इस कारण यहां आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी।

कहा जाता है कि कनक भवन को माता कैकयी ने भगवान राम और माता सीता को उपहार के रूप में दिया था। यह मंदिर अपनी कलाकृति के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है जिसका जीर्णोद्धार पहले राजा विक्रमादित्य और उनके बाद भानु कुमारी ने किया था।

5.हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi Ayodhya Visiting Places)

पर्वत की चोटी पर स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर हनुमान भक्तों के लिए बेहद खास है। इस मंदिर को राजा विक्रमादित्य द्वारा बनवाया गया था। यहां पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़कर जाना होता है। इस मंदिर में भगवान राम की 6 इंच की मूर्ति स्थापित की गई है और साथ ही हनुमान जी को उनकी माता अंजना के गोद में बैठे हुए दर्शाया गया है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है, आस-पास का मनोरम नजारा लोगों आपके मन को लुभाने में सक्षम है। ये मंदिर अयोध्या रेलवे स्टेशन से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी अयोध्या की रक्षा के लिए कोतवाल की भूमिका निभाते हुए इस मंदिर में विराजमान है।

6.गुलाब बाड़ी:

यदि अयोध्या में आपको किसी बगीचे का भ्रमण करना है तो आपको गुलाब बाड़ी का भ्रमण जरूर करना चाहिए क्योंकि यहां आपको अनेक प्रकार के गुलाब के फूल देखने को मिलेंगे। यहां आपको कुछ लाल, कुछ सफेद, कुछ गुलाबी, कुछ पीले और अन्य रंगों के गुलाबों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। प्रकृति से प्रेम करने वालों के लिए यह जगह स्वर्ग से कम नहीं है। असल में यह नवाब शुजा-ऊ-दौला का मकबरा है और इसी में यह बगीचा बनाया गया है जहां फव्वारे के पास गुलाब लगाए गए हैं और चारो ओर पानी की लहरे हैं। इस स्मारक की संरचना चारबाग शैली में की गई है इसलिए यह ऐतिहासिक स्मारक होने के साथ – साथ  धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है।

7. त्रेता के ठाकुर:

त्रेता के ठाकुर अयोध्या के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि इसी स्थान पर भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था, इसी जगह पर बाद में राम मंदिर का निर्माण किया गया। इस मंदिर में आपको भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न आदि की मूर्तियां देखने को मिलेगी। यहां आपको काले पत्थर से बनी असली मूर्तियां भी देखने को मिलेगी जिसकी कलाकृति से हर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो जाता है।

8.राम की पैड़ी:

सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों की एक श्रृंखला है जिसे राम की पैड़ी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यहां स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। अगर आप दीपावली के समय में अयोध्या भ्रमण कर रहे है तो आपको राम की पैड़ी जरूर देखनी चाहिए क्योंकि पूर्णिमा और दीपावली जैसे पर्व पर आपको यहां लाखों की संख्या में दीपक जलते हुए दिखेंगे जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है।

9.नागेश्वर नाथ मंदिर:

राम की पैड़ी में ही आपको एक भव्य मंदिर देखने को मिलेगा जिसे नागेश्वर नाथ मंदिर कहा जाता है। कहा जाता है कि जब भगवान राम के पुत्र कुश इस स्थान पर स्नान कर रहे थे तब उनका बाजूबंद खो गया था जिसे एक नाग कन्या ने वापस किया था और वह कन्या कुश पर मोहित हो गई थी। वह शिवभक्त थी इसलिए उस नाग कन्या के लिए कुश ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। यह मंदिर बहुत ही प्राचीन और प्रसिद्ध है तथा राजा विक्रमादित्य के शासन काल तक ये मंदिर अच्छी अवस्था में था। किंतु सन् 1750 में नवाब सफदरगंज के मंत्री नवल राय द्वारा इस मंदिर का जीर्णद्धार कराया गया था। आज भी इस मंदिर में शिवरात्रि के पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

10.सीता की रसोई:

सीता की रसोई एक प्रसिद्ध मंदिर थी जिसे अब रसोई में तब्दील कर दिया गया है। यह स्थान रामजन्म स्थान के उत्तर – पश्चिम दिशा में स्थित है। सीता माता को ही अन्नपूर्णा और अन्य की देवी का रूप माना जाता है और इसी मानसिकता को ध्यान में रखते हुए इस रसोई का निर्माण किया गया है। इस मंदिर के एक हिस्से में भगवान राम और उनके भाइयों एवं उनकी पत्नियों की मूर्तियां रखी गई है, इस मंदिर में आपको राम- सीता, लक्ष्मण – उर्मिला, भरत- मांडवी और शत्रुघ्न- श्रुताकीर्ति की प्रतिमा अपने जोड़ के साथ देखने को मिलेगी।

11.तुलसी स्मारक भवन संग्राहलय:

तुलसी स्मारक भवन संग्रहालय गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में स्थापित किया गया है। ऐसा कहा जाता है कि यह गोस्वामी तुलसीदास का निवास स्थान था जहां उन्होंने रामचरितमानस की रचना की थी इसलिए साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए यह स्थान बेहद खास है। यहां आपको एक लाइब्रेरी मिलेगी जहां साहित्य के इतिहास से आपको रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा यहां एक अनुसंधान केंद्र भी है जहां अयोध्या के साहित्य, संस्कृति और आध्यात्मिक विषयों पर खोज होती है।

12.देवकाली मंदिर:

आपने देवकाली मंदिर का उल्लेख जरूर सुना होगा, इसका उल्लेख रामायण में भी देखने को मिलता है। इस मंदिर को लेकर यह मान्यता है कि माता सीता गिरिजा देवी की मूर्ति लेकर अयोध्या आई थी और राजा दशरथ ने इस मूर्ति की स्थापना के लिए एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया था जो आज देवकाली मंदिर के रूप में विख्यात है। यहां गिरिजा देवी की मूर्ति की स्थापित की गई थी और माता सीता प्रतिदिन इस मंदिर में मां गिरिजा की पूजा करती थी। आज भी आपको इस मंदिर में माता देवकाली की भव्य प्रतिमा देखने को मिलेगी।

13.बहू बेगम का मकबरा:

यह मकबरा अयोध्या के फेमस टूरिस्ट प्लेस में से एक है जो कि अयोध्या के नवाब शुजा-ऊ-दौला की पत्नी उनमतुज्ज़ौरा बानो की स्मृति में बनवाया गया था। इसलिए इस मकबरे को पूर्व का ताजमहल भी कहा जाता है। यह स्मारक पूरे फैजाबाद का सबसे ऊंचा ऐतिहासिक स्थल है जिसका निर्माण अवधि वास्तु कला द्वारा किया गया है। इसमें रानी की समाधि स्थापित है और ताजमहल से मिलते- जुलते इतिहास के कारण ही इसका नाम पूर्व का ताजमहल रखा गया है।

14.रामकथा पार्क:

यदि किसी पार्क का भ्रमण करना हो तो आपके लिए राम कथा पार्क सबसे उचित होगा। रामकथा पार्क बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी आध्यात्मिकता के लिए प्रसिद्ध है। आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम, नाच – गान और कविता तथा कई कथाएं इस क्षेत्र का हिस्सा रही है। यहां पर आपको सुबह शाम यात्रियों की भीड़ देखने को मिलेगी। इस स्थान पर बच्चों एवं वयस्कों के लिए बगीचे और मैदान भी बनाए गए हैं और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय कलाकार भी यहां भ्रमण के लिए आते हैं।

15.मोती महल:

अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थल में मोती महल का नाम भी शामिल है जो की बेगम उनमतुज्ज़ौरा का निवास स्थान है। यह अयोध्या से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसके नवाबी संस्कृति ही लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है। यहां रोजाना बहुत सारे पर्यटक भ्रमण के लिए आते हैं। केवल देश के कोने – कोने से ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी इसकी कलात्मक शैली से आकर्षित होकर आया करते हैं। इससे समझा जा सकता है कि मुगल वास्तुकला का इस्तेमाल करके इसके हर हिस्से को बेहतरीन कलाकृति प्रदान की गई है।

16. राजा मंदिर:

सरयू नदी के तट पर राजा मंदिर स्थित है जहां आपको बहुत सारी देवी – देवताओं की सुंदर  प्रतिमाएं देखने को मिलेगी। इस एक अकेली जगह पर आपको अनेकों  देवी- देवताओं के दर्शन हो जाएंगे। इसके अलावा यह मंदिर अपनी हिंदू वास्तुकला के लिए भी बेहद प्रसिद्ध है  यह मंदिर नदी के किनारे बसा हुआ है जिसके कारण इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। यह हिंदू वास्तुकला का एक अनूठा उदाहरण है, इसलिए देश-विदेश से लोग इस मंदिर के भ्रमण के लिए आते हैं।

FAQs : अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थल (10 BEST Places to Visit in Ayodhya)

अयोध्या में कौन सी जगह देखने लायक है?

अयोध्या में राम जनस्थलभूमी, देवकाली मंदिर, जैन श्वेतांबर मंदिर, गुलाबी बाड़ी, तुलसी स्मारक संग्रहालय, त्रेता के ठाकुर, हनुमान गढ़ी मंदिर, सीता की रसोई, राम की पैड़ी आदि देखने लायक स्थल है।

अयोध्या दर्शनीय स्थल कौन से है?

अयोध्या मंदिरों का नगर है, यहां आप गुलाबी बाड़ी, तुलसी स्मारक संग्रहालय, त्रेता के ठाकुर, हनुमान गढ़ी मंदिर, सीता की रसोई, राम की पैड़ी, रामकथा पार्क, नागेश्वर मंदिर, राजा मंदिर जैसे कई दर्शनीय स्थल का भ्रमण कर सकते हैं।

अयोध्या का सबसे प्राचीन मंदिर कौन सा है?

अयोध्या में कई प्राचीन मंदिर हैं जिनमें भव्य राम मंदिर, जैन श्वेतांबर मंदिर, नागेश्वर मंदिर, त्रेता के ठाकुर, हनुमान गढ़ी,सीता की रसोई, कनक भवन आदि का नाम शामिल है।

 

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