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July 05, 2022
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उत्तराखण्ड बाॅर्डर प्रारम्भ होने से 500 मीटर पहले बोर्ड अथवा होर्डिंग्स लगवाये जाने चाहिए

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आज दिनांक 13 अप्रैल, 2015 को वाणिज्य कर मुख्यालय, देहरादून के अपर
आयुक्त, श्री पीयूष कुमार के साथ उनके काशीपुर आगमन पर कुमायूं गढ़वाल
चैम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (केजीसीसीआई) के प्रतिनिधिमण्डल की
शिष्टाचार भेंट वाणिज्य कर कार्यालय, काशीपुर में सम्पन हुई।

प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट के दौरान अपर आयुक्त, श्री पीयूष कुमार
को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड की सीमा पर सीमा को
प्रदर्शित करने वाला कोई सांकेतिक चिन्ह /बोर्ड / होर्डिंग्स इत्यादि न
होने के कारण ड्राईवरों द्वारा बिना ट्रिपशीट बनवाये ही उत्तराखण्ड में
प्रवेश कर लिया जाता है। ऐसी स्थिति में विभागीय अधिकारियों द्वारा पकड़े
जाने पर राज्य के व्यापारियों/उद्यमियों को पेनल्टी भी भरनी पड़ती है। 
इसके लिए प्रतिनिधिमण्डल द्वारा सुझाव दिया गया कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा
उत्तराखण्ड बाॅर्डर प्रारम्भ होने से 500 मीटर पहले बोर्ड अथवा होर्डिंग्स
लगवाये जाने चाहिए ताकि बाॅर्डर पर किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे तथा
ड्राईवरों द्वारा राज्य की सीमा में प्रवेश करने से पूर्व ही ट्रिपशीट बनवा
ली जाये।

प्रतिनिधिमण्डल द्वारा अवगत कराया गया कि प्लांट एवं मशीनरी में निवेश की
सीमा 25 करोड़ रखते हुए 1 प्रतिशत केन्द्रीय बिक्री कर की देयता प्रदत्त की
गयी थी। देश में चल रही वर्तमान कमजोर आर्थिक परिस्थितियों के परिदृश्य
में उ़द्योगों में तकनीकी आधुनिकीकरण अथवा उत्पादन क्षमता विस्तारण के लिए
प्लाण्ट एवं मशीनरी में निवेश करना आवश्यक हो गया है परन्तु 25 करोड़ रूपये
तक के प्लाण्ट एवं मशीनरी वाली इकाईयों द्वारा अपना विस्तार करने पर उनके
निवेश की सीमा बढ़ने से उन्हें 1 प्रतिशत केन्द्रीय बिक्री कर देयता का लाभ
नहीं मिलेगा जबकि प्रदेश में ज्यादातर इसी वर्ग की इकाईयाँ कार्यरत् हैंै।
प्रतिनिधिमण्डल ने मांग की कि उत्तराखण्ड में दीर्घकालिक औद्योगिक विकास
को ध्यान में रखते हए प्लाण्ट एवं मशीनरी में पूंजी निवेश की सीमा 25 करोड़
के बजाय 100 करोड़ करके  उसे 1 प्रतिशत केन्द्रीय बिक्री कर देयता की
श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमण्डल ने धन्यवाद देते हुए कहा कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा
व्यापारिक गतिविधियों में प्रयुक्त होने वाले कई फाॅर्मों की  आॅनलाईन
उपलब्धता एक सराहनीय प्रयास हैं। प्रतिनिधिमण्डल ने अपर आयुक्त से मांग की
कि अन्य राज्यों से माल आयात करने पर रोड परमिट हेतु प्रयुक्त होने वाले
फाॅर्म-16 की उपलब्धता भी आॅनलाईन सुनिश्चित करायी जानी चाहिए।

इसके अतिरिक्त आने वाले जीएसटी के प्रारूप एवं फाॅर्म-11 पर किये गये 3
प्रतिशत टैक्स के विषय पर भी श्री पीयूष कुमार के साथ विस्तृत चर्चा की
गयी। अपर आयुक्त, श्री पीयूष कुमार ने आश्वासन दिया कि वे प्रतिनिधिमण्डल
द्वारा प्रस्तुत बिन्दुओं को आयुक्त के समक्ष रखेंगे।

इस अवसर पर केजीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री आलोक कुमार गोयल,
निवर्तमान अध्यक्ष श्री विकास जिन्दल, श्री पुनीत सिंघल, श्री अतुल असावा,
श्री बांके गोयन्का, श्री अशीष गर्ग, श्री विनीत संगल, श्री संदीप गोयल आदि
उपस्थित थे।

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