विश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ | नए साल 2023 का आगाज़

आज से नए वर्ष 2023 का शुभारम्भ हो गया है. आप सभी को सबसे पहले नववर्ष कि हार्दिक शुभकामनाये. पिछले वर्ष 2022 में हमने बहुत कुछ ऐसा देखा जो पहले कभी नहीं देखा था. कोरोना काल का यह वर्ष पूरी दुनियां में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा गया. हम सबक रहने, खाने पीने, काम करने के तरीकों में बहुत बदलाव आया. हमने वर्क फ्रॉम होम जॉब्स करना सीखा. सबसे बड़ी बात हमारी सोच में भी बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिला . प्रकर्ति ने हमें जीवन को एक नए नज़रिए से देखने का अवसर दिया. कोरोना काल में जो देश अपने को बहुत ताकतवर और हर प्रकार से मजबूत समझते थे वोही ही कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. अमेरिका, रूस, इटली, फ़्रांस में इस महामारी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. यहाँ पर मेडिकल कि सुविधाएं विश्वस्तर कि थी. लेकिन बड़े बड़े हथियार बनाने वालों ने भी कोरोना के आगे घुटने टेक दिए. उनके हथियार भी कुछ नहीं कर सके.

इसी तरह एक और बड़ा परिवर्तन हमारे कम काज पर भी पड़ा. कोरोनाकाल में बहुत सारे काम घर पर ही होने लगे, वर्क फ्रॉम होम जॉब्स का नया कल्चर देखने को मिला.  भारत के साथ साथ अन्य देशों ने भी आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा सबक लिया. हमने कोरोना काल में सीखा कि दुसरे देशों पर निर्भर होकर कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता. इस काल में जब सभी लोगों का घर से बहार निकलना, एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाना, एक देश से दुसरे देश में यात्रा करना पूरी तरह बंद हो गया था. तभी हमने पूरी तरह आत्मनिर्भर होने के बारे में सोचा. और इसके लिए हम तेजी से कदम बढा रहे हैं. जहाँ हमारे देश में कोरोना से लड़ने के लिए ना था मास्क, ना senetizer और ना ही सुरक्षा किट. लेकिन वहीँ अब हम इन सभी चीजों को निर्यात कर रहे हैं. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. हमने इससे सीखा कि हमारा देश किसी भी मुसीबत से बाहर निकलने का दम रखता है.

चीन जैसे विस्तारवादी देश को भी हमने मुहं तोड़ जवाब दिया, हमारे देश कि जमीन पर कब्ज़ा जमाने कि उसकी चाल को हमने पूरी तरह मात दी.और साथ में उसके बहुत सारे उत्पादों, मोबाइल एप, गेम्स आदि का बहिष्कार किया और अपने स्वदेशी कम्पनियों को आगे बढाने के लिए कदम बढ़ाये. इसका उदहारण आप इससे समझ सकते है कि हमारे देश में पहले चीनी TIKTOK का इस्तेमाल बहुत अधिक होता था, करोड़ों लोगों ने इसपर अपना खाता बनाया हुआ था. लेकिन चीन कि करतूत के बाद हमारी देशी कि सरकार ने TIKTOK जैसी बहुत साड़ी चीनी एप को भारत में बेन कर दिया. और इसके बाद स्वदेशी एप जैसे चिंगारी, बोलो इण्डिया, मित्रों, जोश, मोज, KOO, शेयर चेट को बढ़ावा दिया गया, प्रधान मंत्री मोदी जी ने भी इनमें से कुछ एप का नाम अपने भाषण में लिया.जिसके बाद आज करोड़ों लोग अपीन स्वदेशी एप का इस्तेमाल कर रहे हैं.

इसी तरह चीन कि कंपनियों द्वारा बनाये गए मोबाइल को टक्कर देने और उनपर निर्भरता कम करने के लिए हमारे देश कि कम्पनियाँ आगे आई है. JIO ने देश में सस्ते स्मार्ट फोन को लांच करने के लिए गूगल से हाथ मिलाया है. और इसी नए वर्ष २०२१ में हमारे अपने स्वदेशी स्मार्ट फोन चीन को टक्कर देंगे और उनपर निर्भरता कम करेंगे.

यह नया साल विशवास क साल है. हम सबको अपने और अपने देश कि स्वदेशी कम्पनियों के ऊपर पूरा विश्वास है कि हम दुसरे देशों पर निर्भरता कम कर सकते हैं. और पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकते हैं. इसके बहुत सारे फायदे होंगे. जैसे आत्मनिर्भरता तो बढेगी ही साथ में रोज़गार के नए अवसर बढ़ने से बेरोजगार कम होगी. हमारा देश तेजी से विकास करेगा.
लेकिन इसके लिए हम सबको बहुत मेहनत  करनी होगी. नए परिवर्तन को स्वीकार करना होगा. नए तरीकों को सीखना होगा, वर्क फ्रॉम होम जॉब्स को भी समझना होगा, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना होगा जिससे नए रोजगार में मानव संसाधन कि कोई कमी ना हो. संचार माध्यम से लोगों को तेजी से सिखाना होगा. तभी हम पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेंगे.

और एक विकासशील देश से आगे बढ़कर एक विकसित देश का सपना पूरा करेंगे. इसी विश्वास के साथ आप सभी को नव वर्ष 2021 कि बहुत बहुत शुभ कामनाये.

जय हिन्द – जय भारत

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