Olympics Games in India & Medal

ओलम्पिक खेलों में मैडल के लिए तरसते खिलाडी और देशवासी | १ अरब से ज्यादा आबादी ! क्या कभी किसी ने इसके बारे में गंभीरता से सोचा है ? क्या हमारा सिस्टम प्रतिभावान खिलाडियों और खेलों पर सही से ध्यान देता है ? क्रिकेट के इलावा दुसरे खेलों में हम क्यों आगे नहीं बढ़ पा रहे ? इन सभी सवालों पर आज हम यहाँ बात करने वाले हैं | इसके साथ ही हम आज आपको एक ऐसा आईडिया बतायंगे जिससे हमारे खेलों को भी बढावा मिलेगा और खिलाडियों को भी आर्थिक सहायता मिल पायगी |

1 अरब आबादी वाला देश खेलों में मैडल के लिए क्यों तरस रहा

दोस्तों हमारे देश भारत दुनियां में आबादी में नंबर २ पर है और आने वाले समय में हम चीन को छोड़कर नंबर १ बन जायंगे | लेकिन खेलों के कुम्भ ओलम्पिक में हमारे खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते | और पूरा देश मैडल के लिए तरसता रहता है | एक ब्रोंज मैडल मिलने पर ही पूरा देश झूमने लगता है |

अगर हम दिल से सोचें तो यह इतनी आबादी वाले देश के लिए गर्व का समय नहीं है | जहाँ चीन और अमेरिका टॉप पर हैं वहीँ हम बहुत पीछे हैं | बहुत छोटे छोटे देश भी गोल्ड मैडल लेकर हमसे बहुत आगे निकल रहे हैं | और हम ब्रोंज और सिल्वर लेने के लिए लड़ रहे हैं |

क्रिकेट के इलावा दुसरे स्पोर्ट्स में फिस्सड्डी क्यों

हमारे देश में सबसे ज्यादा पोपुलर गेम क्रिकेट है | क्योंकि उसमें हमारे खिलाड़ी अच्छा खेलते हैं, क्रिकेट में पैसा भी बहुत है | जिसके कारण हमारे देश के युवा क्रिकेट में ही अपना भविष्य  बनाना चाहते हैं | और दूसरे खेलों जैसे हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, दौड़, मुक्केबाजी, टेनिस, बास्केट बल, बॉक्सिंग, तीरंदाजी, आदि की बात करें तो हमारे देश के करोड़ों बच्चे यह तक नहीं जानते की ओलम्पिक में कितने खेल होते हैं और कैसे खेले जाते हैं |

जो खिलाडी गावं से निकलकर ओलम्पिक में भाग लेते हैं उन्हें भी बहुत मुसीबतों का सामना करना पढता है | २०२१ के ओलम्पिक खेलों को ही देख लीजिये हॉकी टीम को sponsered करने वाला भी कोई नहीं मिला | केवल ओड़िसा की सरकार ने इस टीम का साथ दिया | दूसरी बड़े बड़े पैसे वाले प्रदेश के नेता अपने आप को देश भक्त कहते है | लेकिन किसी को खिलाडियों और मैडल के लिए तरसते देश वासियों की कोई फ़िक्र नहीं है | हमारे देश के नेता दूसरे पार्टी के नेताओं की कमियां निकालने में ही व्यस्त हैं |

कैसे बढेंगे दुसरे खेलों में आगे

अब बात आती है कि हमारा देश और हमारे प्रतिभावान खिलाडी दूसरे खेलों में आगे कैसे बढेंगे | तो इसका एक ही रास्ता है कि प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए नए रास्ते खोजने होंगे | प्राइवेट स्कूल हो या सरकारी स्कूल सभी बच्चों को ओलम्पिक के सभी खेलों के बारे में पढाया और सिखाया जाए | और जो जिस खेल में रूचि रखता हो उसे निखारा जाए |

इसके साथ ही देश की बड़ी कम्पनियों को इन खेलों को प्रायोजित करना चाहिए | पतंजलि जैसी स्वदेशी कम्पनी को तो इसके बारे में जरुर आगे आना चाहिए | टाटा और रिलायंस समूह को भी इस और ध्यान देना चाहिए |

खेलों को बढ़ावा देने का गज़ब आईडिया

हमारे देश का सिस्टम कुछ ऐसा है कि टैलेंट को आगे बढ़ने का मौका नहीं देता | नेता और सरकारें खेलों पर उतना ध्यान नहीं देते जितना देना चाहिए | इसीलिए कुछ और भी करना चाहिए, जिससे टैलेंट आगे आ सके | इसके लिए हमने एक आईडिया सोचा है कि अगर क्रिकेट की तरह दूसरे खेलों में भी युवाओं कि रूचि बढ़ाई जाए तो बहुत कुछ हो सकता है | इसके लिए हमें खेलों को एक कैरियर का रूप देना होगा “ जैसा क्रिकेट में लोग अपना करियर देखते हैं क्योंकि वहां पैसों के साथ नाम भी बहुत है | लेकिन दूसरे खेलों में यह सब नहीं है जिससे युवा और उनकी फैमिली उन्हें इन खेलों के लिए आकर्षित नहीं होते |

इसीलिए हम 100 करोड़ देश वासियों को इसके लिए मिलाकर आगे आना होगा | और टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सपोर्ट करना होगा |

तकनीक से खेलों को करें मदद

खेलों और प्रतिभावान खिलाडियों को बढ़ावा देने के लिए हमें आर्थिक मदद देनी चाहिए | जिसके लिए हम एक ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे वेबसाइट, मोबाइल एप, youtube चैनल, फेसबुक पेज, बना सकते हैं | और वहां खेलों को बढ़ावा देने के लिए डोनेट या दान या प्रोहोत्साहन राशी का विकल्प होना चाहिए | जिससे कोई भी देश वासी अपनी तरफ से कुछ न कुछ धन दे सके | और खिलाडियों की आर्थिक सहायता कर सके | जैसे भारतीय सेना के लिए पहले से किया जा रहा है |

इस प्रकार इन खेलों में पैसा भी होगा और इसमें कैरियर के मौके भी बढेंगे |

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जय हिन्द – जय भारत

Image by Gerhard G. from Pixabay

By Jitendra Arora

- एडिटर, मोटिवेटर, क्रिएटर | - वेब & एप डेवलपर |

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