Asaduddin Owaisi: राम मंदिर पर ओवैसी का बयान आया सामने, कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानते हैं पर….Asaduddin Owaisi On Ayodhya Mandir

Asaduddin Owaisi On Ram Mandir: जैसा कि आप जानते हैं कि, उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में निर्मित हो रहे भगवान श्री राम जी के मंदिर का काफी हद तक काम पूरा हो चुका है और इसी बीच साल 2024 में जनवरी के महीने में 22 तारीख को श्री राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है, जिसमें बहुत से मेहमान शामिल होने वाले हैं और बहुत से लोगों को इनविटेशन भी दिया जा रहा है।

इसी बीच हैदराबाद के बड़े मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा साफ तौर पर यह कहा गया है कि, वह और उनका समुदाय 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की विध्वंस की घटना को हमेशा के लिए याद रखेगा और उसे कभी भी नहीं भूलेगा।

ओवैसी के द्वारा आगे कहा गया कि, केंद्र सरकार के द्वारा साल 2024 के इलेक्शन में राम मंदिर को अवश्य ही मुद्दा बनाने का प्रयास किया जाएगा और वह इसके नाम पर लोगों से धार्मिकता के आधार पर वोट देने के लिए भी कहेंगे, परंतु देश में वर्तमान में असली मुद्दा बेरोजगारी का है, देश में महंगाई भी बढ़ रही है, चीन ने देश की जमीन हड़प ली है। राम मंदिर को लेकर के उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जो फैसला दिया गया है वह उन्हें मानते हैं परंतु कभी भी बाबरी मस्जिद की शहादत को वह भूल नहीं सकेंगे।

‘प्लेस ऑफ वर्शिप पर रुख साफ करे सरकार’

असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा अपना रिस्पांस मथुरा की शाही ईदगाह को कृष्ण मंदिर घोषित करने की मांग को लेकर के भी दिया गया है। उन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, संसद के द्वारा ही प्लेस आफ वरशिप एक्ट का निर्माण किया गया है, तो ऐसे में मोदी सरकार के द्वारा क्यों नहीं कहा जाता है कि, हम प्लेस आफ वरशिप एक्ट को मानते हैं और इसके हिसाब से ही काम होगा। आगे असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, आखिर 1992 में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद को किसने शहीद किया। यह मुद्दा जिंदगी पर बना रहेगा।

‘बाबरी विध्वंस नहीं होता तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या होता’

पत्रकार के द्वारा जब ओवैसी से राम मंदिर निर्माण को लेकर सवाल पूछा गया तो ओवैसी ने कहा कि अगर बाबरी मस्जिद को शहीद नहीं किया जाता तो ऐसे में कोर्ट का निर्णय क्या आता। 6 दिसंबर तो वैसे एक फैक्ट है। आगे ओवैसी ने कहा कि क्या हम यह चाहेंगे कि दोबारा से 6 दिसंबर हो।

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