दण्ड पक्रिया क़ी धारा -71 के अन्तर्गत जारी किए जमानती वारंट मे जमानत की शर्त लिखी जानी चाहिए कि कितनी धनराशि की जमानतो पर छोडा जाना है तथा जमानतदारो की संख्या कितनी होगी तथा किस तिथी को उसे न्यायालय मे उपिस्थत होना है।जमानतीय अपराधो में थानाध्यक्ष से लिखत रूप से भी जमानत की मांग की जा सकती है 
# संज्ञेय अपराधो मे पुलिस द्वारा सामान्यता निम्न आधार पर ज़मानत का विरोध किया जाता है कि-
(1)  जमानत पर छुट्ने पर अभियुक्त न्यायालय मे उपस्थित नही होगा
(2) जमानत हो जाने के बाद अभियुक्त ग्वाहान को प्रवाहित करेगा ।
(3) जमानत होने के वाद दूसरे जघन्य अपराध करेगा या पूर्व मे सजायाप्ता अपराधी है।
(4) जमानत होने के पश्चात चोरी या लूटा हुआ माल वरामद न हो सकेगा तथा
(5) अपराध वहुत गम्भीर प्रकृति का है तथा अपराधी शातिर है ।
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सौजन्य –
संजय रूहेला (अधिवक्ता) L L. M 
(काशीपुर बार एसोसिएशन) -संपर्क – 9927136750
 
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By Jitendra Arora

- एडिटर, मोटिवेटर, क्रिएटर | - वेब & एप डेवलपर |

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